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  • अमेरिका ने 13 अप्रैल, 2017 को पूर्वी अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गुफाओं पर एक विशाल जीबीयू -43 बम गिराया जोकि अबतक के मुकाबलो में इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम था।
  • हथियार यूएस एयर फोर्स में अपने उपनाम MOAB या “सभी बमों की मां” के रूप में जाना जाता है। MOAB का पूरा नाम ” Massive Ordnance Air Blast” है।
  • इस बम का मुकाबले में पहली बार इस्तेमाल किया गया।

Read in English: Mother of all bombs dropped over Afghanistan

प्रभाव

  • डिवाइस का प्रभाव तुरंत स्पष्ट नहीं था लेकिन यह माना जाता है कि अफगानिस्तान में 36 संदिग्ध इस्लामीक स्टेट के आतंकवादी मारे गए थे।
  • यह पहली बार था जब यू.एस. ने किसी संघर्ष में इस आकार के बम का इस्तेमाल किया।
  • नंगरहार प्रांत के अचिन जिले में पाकिस्तान के साथ लगे सीमा के नजदीक एक एमसी -130 विमान से आयुध गिराया गया था।
  • GBU-43 एक 21,600 पाउंड( 9,777 किलो) का जीपीएस-निर्देशित आयुध है। 2003 के इराक युद्ध के कुछ समय पहले ही इसका परीक्षण किया गया था तब एक मशरूम के आकार का बादल 32 किमी दूर से प्रतीत हुआ था।
  • इसकी लागत 16 मिलियन डॉलर की है।
  • चूंकि यह जीपीएस सक्षम है तो यह बेहतर सटीकता के साथ लक्ष्य कर सकता है।
  • मृतको की संख्या को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है लेकिन मंत्रालय के प्रवक्ता दौलत वजीरी ने कहा कि बड़े पैमाने पर विस्फोट में किसी भी नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है जिसका लक्ष्य गुफाओं और सुरंगों का एक नेटवर्क था।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में जापान में गिराए गए छोटे परमाणु बम जिनकी विनाशकारी शक्ति 15,000 से 20,000 टन टीएनटी के बराबर थी उसके अपेक्षाकृत तुलना में इस बम में 11 टन टीएनटी के बराबर विनाशकारी शक्ति थी।

 कारण    

  • अमेरिका के अनुसार यह हमला IS सेना और उनके सुविधाओं के विनाश को अधिकतम करते हुए अफगान और यू.एस. सेनाओं के जोखिम को कम करने के लिए डिजाइन किया गया था जोकि पाकिस्तान सीमा के पास अचिन क्षेत्र में सफाई अभियान का संचालन करते है।
  • पाकिस्तान के साथ लगे दूरदराज के सीमावर्ती इलाके को आईएसआईएस से सम्बंधित समूह आईएस खोरोसन के लिए प्रजनन मैदान के रूप में जाना जाता है।
  • आईएस अपने बचाव के लिए मजबूत विस्फोटक उपकरणों, बंकरों और सुरंगों का उपयोग कर रहा है।
  • अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के कार्यालय ने एक बयान में कहा है कि यह हमला अफगान और अंतर्राष्ट्रीय सैनिकों द्वारा संयुक्त अभियान का हिस्सा था।

   

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